देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने आवारा गोवंश की समस्या पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड के साथ बैठक कर गोसदनों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। राज्य में सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंशीय पशुओं की संख्या 20,887 है, जबकि 14,848 पशु पहले से मान्यता प्राप्त आश्रय स्थलों में रह रहे हैं।
मुख्य सचिव ने 62 गोसदनों का निर्माण शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए। इन गोसदनों के लिए 36 स्थानों पर भूमि चिह्नित की गई है, और 13 स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा, पंचायतीराज विभाग को 26 गोसदनों का निर्माण करना है, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है।
मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि उत्तराखंड में निराश्रित गोवंश को गोद लेने वालों को 80 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन मानदेय दिया जा रहा है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने शहरी विकास विभाग को हर महीने सड़कों पर घूम रहे गोवंश की मॉनिटरिंग और गोसदनों में उनकी शिफ्टिंग की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
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