ऋषिकेश: श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का पांचवां दीक्षांत समारोह मंगलवार को भव्य तरीके से आयोजित हुआ। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने समारोह में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के 21,230 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की। इस दौरान, 81 मेधावी छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल से नवाजा गया। सर्वोच्च अंक हासिल करने वाली कविता रानी को प्रतिष्ठित श्रीदेव सुमन गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल ने युवाओं को दिए प्रेरणादायक संदेश
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के भविष्य को इन होनहार छात्रों की योग्यता और क्षमता से नई दिशा मिलेगी। उन्होंने युवाओं को पांच संकल्प दिलाए और “विकसित भारत, श्रेष्ठ भारत” के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा, “21वीं सदी भारत की है, और इसका तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा।”
शिक्षा और संस्कृति में योगदान को सराहा
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और सांस्कृतिक प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
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गोल्ड मेडल से विद्यार्थियों के चेहरे खिले
समारोह के दौरान गोल्ड मेडल पाने वाले छात्रों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार के प्रयासों को साझा किया, जबकि वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
छात्राओं की अधिक भागीदारी से उत्साहित राज्यपाल
राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में छात्राओं की सर्वाधिक भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे प्रदेश के शैक्षणिक और सामाजिक विकास के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियां साझा कीं
कुलपति प्रो. एनके जोशी ने समारोह में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने अपने स्थापना काल से लेकर अब तक शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं।